Delhi news : बुधबार 23 मार्च को पूर्व रेल मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ललित नारायण मिश्रा का 99वां जयंति समारोह दिल्ली स्थित कांस्टीट्यूसन क्लब मे आयोजित किया गया । यह आयोजन उनके पोते वैभब मिश्रा व्दारा आयोजित कराया गया था । इस आयोजन मे कांग्रेस , बीजेपी सहित सुप्रीम कोर्ट के जज और वकीलों ने हिस्सा लिया । इस आयोजन मे मुख्य अतिथि के रूप मे जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलाम नवी आजाद ने हिस्सा लिया । इनके आलावा सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज शिवा कीर्ति सिंह , राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा , सुप्रीम कोर्ट वार काउंसिल के उपाध्यक्ष प्रदीप राय और बीजेपी के लक्ष्मी नगर से विधायक अभय वर्मा वक्ता के रूप मे उपस्थित रहे ।

वक्ताओं ने दी ललित बाबू को श्रद्धांजली

सबसे पहले वक्ता के रूप मे प्रोग्राम के मुख्य अदिथि गुलाम नवी आजाद ने ललित नारायण मिश्रा जी को याद करते हुए कहा कि जब ललित जी राजनीति करते थे तब अच्छे नेताओं के साथ अच्छे इंसान भी हुआ करते थे जो कि आज कि राजनीति मे देखने को नही मिलता । हमे ललित बाबू का युग चाहिए जो इस देश को अच्छे राजनेताओ के साथ अच्छे इंसान भी दे सके । उन्होने मजाकिया अंदाज मे वकिलो पर निशाने साधते हुए कहा कि मुझे वकीलो का समझ नही आता कि एक महीने मे केवल एक केस लेकर खत्म क्यो नही करते सकड़ो केस लेकर लटका कर क्यो रखते है । यह वक्तव्य उन्होने इसलिए दिया कि ललित नारायण मिश्रा केस मे भी दशको से केस चल रहा है पर अभी तक कोई संतुष्टीपूर्ण हल नही निकला ।

इसके बाद विवेक तन्खा जी ने सभा को संबोधित किया और ललित नारायण जी को श्रद्धांजलि अर्पित की उन्होंने कहा देश को ऐसे नेतृत्व की ज़रूरत है जो ललित बाबू की तरह जन जन के बारे में सोचे । सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज शिवा कीर्ति जी ने बिहार के कोसी में अक्सर आने वाली बाढ़ की घटना का ज़िक्र करते हुए कहा कि जितना काम कोसी के अंदर बाढ़ नियंत्रण के लिए ललित बाबू ने किया वह असाधारण है ।उन्होंने बताया कि ललित बाबू उनके अध्यापक के मित्र थे साथ ही बहुत सरल और नरम स्वाभाव के व्यक्ति थे ।

उनसे जुड़ी बातों को किया याद ।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रदीप राय जी ने उनके जीवन से जुड़ी कई बातों को याद किया । उन्होंने बताया कि जब वह केंद्र सरकार में मंत्री थे तो बिहार में बेरोज़गार युवाओं का आंदोलन हुआ । इस आंदोलन में जब ललित बाबू पहुँचे तो युवकों ने उनकी गाड़ी घेर ली जिसके बाद ललित बाबू गाड़ी से उतरे और कहा कि गाड़ी इस प्रकार से नहीं घेरते हैं ।उन्होंने अपने ड्राइवर को गाड़ी पीछे ले जाने के लिए कहा और फिर गाड़ी के सामने लेट गए और कहा कि अगली बार गाड़ी घेरनी हो तो ऐसे घेरना । अभी तुम आंदोलन करना नहीं जानते आज समय नहीं है किसी दिन फ़ुरसत में बताऊँगा ।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर ललित बाबू कुछ और सालों तक ज़िंदा रहते हैं तो JP आंदोलन और इमरजेंसी जैसी घटनाएँ देश में होती ही नहीं । इसके बाद BJP विधायक और दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष अभय वर्मा ने ललित बाबू को श्रद्धांजलि दी उन्होंने कहा कि दरभंगा हवाई अड्डे की नीम भी ललित बाबू ने ही रखी थी ।हिंदुस्तान की राजनीति में ऐसे बहुत कम राजनेता हुए हैं जिन्होंने अपने घर परिवार से बढ़कर अपने देश के लिए सोचा हो ।

सभा को अंतिम रूप देते हुए ललित बाबू के पोते वैभब मिश्रा ने बताया कि वह पाँच साल से यह प्रोग्राम कर रहे हैं और आने वाले भविष्य में भी ललित बाबू के कार्यों को जनता तक ले जाने का कार्य करते रहेगें ।

Ashutosh Mishra

News Activist , Political commentator and software engineer