Akshaya Tritiya 2022:अक्षय तृतीया वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीय तिथि को मनाई जाती है। ऐसा माना जाता है कि उस दिन कोई भी शुभ काम करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं हैं। ऐसा माना जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन किए गए कार्यों का कई गुना फल प्राप्त होता है। इस बार अच्छा तृतीया के दिन शनि की चाल बदलना भी एक विशेष घटना है। इसका प्रभाव अगले 6 महीनों तक सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। इसे अखतीज के नाम से भी जाना जाता है

Akshaya Tritiya 2022:पुराणों में बताया गया है कि यह बहुत ही पुण्यदाई दिन हैं इस दिन किए गए दान पुण्य के बारे में मान्यता है कि जो भी पुण्य दान इस दिन किए जाते हैं उनका फल अच्छा होता है उसका मतलब है उनका फल कई जन्मों तक मिलता है।

हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को लेकर कई मान्यताएं हैं

1.ऐसा माना जाता है किभगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का जन्म हुआ था परशुराम ने महर्षि जमदग्नि और माता रेणुकादेवी के घर जन्म लिया था। यही कारण है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु की उपासना की जाती है इस दिन भगवान परशुराम की पूजा करने का भी विधान है

2. इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी राजा भागीरथ ने गंगा को धरती पर अवतरित करने के लिए हजारों वर्ष तक तप कर उन्हें धरती पर लाए थे। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र गंगा में डुबकी लगाने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं।

Akshaya Tritiya

Vikash Rathore

News activist, Political commentator