Maharana Pratap:महाराणा प्रताप सिंह उदयपुर, मेवाड में सिसोदिया राजपूत राजवंश के राजा थे। उनका नाम इतिहास में वीरता और दृढ प्रण के लिये अमर है। महाराणा प्रताप का विवाह 17 वर्ष की आयु में 15 वर्षीय राजकुमारी अजब्दे के साथ 1557 मैं हुआ था। 2 वर्ष बाद 1559 मैं उनके प्रिय पुत्र अमर सिंह का जन्म हुआ था। महाराणा प्रताप के भाले का वजन 80 किलोग्राम एवं कवच का वजन भी 72 किलो था। 1576 में हल्दीघाटी के युद्ध मैं 20000 सैनिकों की सेना को साथ लेकर महाराणा प्रताप ने मुगल सेनापति राजा मानसिंह के 80000 सैनिकों की सेना का सामना किया था।

Maharana Pratap:महाराणा प्रताप की लंबाई 7 फुट 5 इंच थी। उनका वजन 110 किलो था। युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप का वजन 280 किलोग्राम( अस्त्र शस्त्र सहित वजन) होता था। हल्दीघाटी के प्रांगण में आज भी महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक का भव्य मंदिर सुरक्षित है। वीर शिवाजी के परदादा महाराणा उदयपुर, के छोटे भाई थे। अतः छत्रपति शिवाजी भी मूल रूप से मेवाड़ से ही थे। महाराणा प्रताप के डर से अकबर अपनी राजधानी लाहौर चला गया था और उनकी मृत्यु के पश्चात ही राजधानी लाहौर से आगरा परिवर्तित हुआ था। अकबर महाराणा प्रताप से इतना डरता था। वह महाराणा प्रताप से युद्ध करने के लिए भी राजपूत सेनापति मानसिंह को भजेता था। 19 जनवरी 1557 मैं महाराणा प्रताप की नई राजधानी चावंड मैं उनकी मृत्यु हो गई थी।

Vikash Rathore

News activist, Political commentator