नगर निगम स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्यालय पर हर दिन 35 से ज्यादा लोग मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि बीते साल अप्रैल में महज 3 से 4 लोग ही पहुंच रहे थे। 

सरकारी आंकड़ों में कोरोना की दूसरी लहर में मृतकों की संख्या भले कम हो, लेकिन आगरा में मृतकों की संख्या बीते साल से 12 गुना है। बीते साल अप्रैल के महीने में केवल 86 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, लेकिन इस बार अप्रैल में 995 मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं। नगर निगम स्थित जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण कार्यालय पर हर दिन 35 से ज्यादा लोग मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि बीते साल अप्रैल में महज 3 से 4 लोग ही पहुंच रहे थे। 

आगरा के श्मशान घाटों पर 2500 से ज्यादा दाह संस्कार अप्रैल के माह में हुए हैं, जिनमें से ताजगंज मोक्षधाम पर ही 1700 से ज्यादा हुए हैं। इनमें से 995 मृतकों के मृत्यु प्रमाणपत्र बन चुके हैं। पार्षद रवि बिहारी माथुर के मुताबिक इस बार कोविड मरीजों की मृत्यु के साथ कई परिवार ऐसे हैं, जिनके घरों में परिजन कोरोना संक्रमित हैं। 

इसलिए मृत्यु प्रमाणपत्र का आवेदन भी मई में करेंगे। मसलन, 15 अप्रैल के बाद जिनकी मृत्यु हुई है, उनके परिजन संक्रमण दूर हो जाने के बाद मई के दूसरे पखवाड़े में ही आवेदन कर सकेंगे। हालांकि इस बार मृत्यु प्रमाणपत्र की संख्या बीते साल से 12 गुना ज्यादा है। 

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https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/agra/agra-nagar-nigam-issues-around-one-thousand-death-certificates-in-this-april