नोएडा। यूपी एटीएस द्वारा मतांतरण के मामले गिरफ्तार आरोपितों जहांगीर आलम और मोहम्मद उमर ने नोएडा के सेक्टर-117 में संचालित नोएडा डीफ सोसायटी में पढ़ाई कर चुके दो छात्रों का भी मतांतरण कराया था। वहीं, मतांतरण का मामला सामने आने के बाद सेक्टर-49 कोतवाली पुलिस भी मामले की जांच में जुटी है। स्कूल संचालक से पूछताछ की जा रही है। स्कूल प्रबंधन का कहना है मतांतरण के मामले में गिरफ्तार आरोपित कभी भी स्कूल में नहीं आए थे। आशंका है स्कूल में पढ़ाई पूरी करने के बाद आरोपितों ने छात्रों से संपर्क किया और अपने जाल में फंसाया। इसके बाद उनका मतांतरण कराया गया है।

नोएडा में संचालित इस स्कूल में दिव्यांग बच्चों को निश्शुल्क शिक्षा दी जाती है। ट्रेनिंग के बाद छात्रों का निजी कंपनी में प्लेसमेंट भी कराया जाता है। स्कूल से 500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। यह स्कूल 2018 से संचालित हो रहा है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद है। वर्तमान में स्कूल में 40 से अधिक स्टाफ कार्यरत है। स्कूल किराये की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है। स्कूल की फंडिंग सीएसआर के तहत होती है। यहां से शिक्षा हासिल करने के बाद उन्हें निजी स्कूल में नौकरी दिलाई जाती थी।

संस्था ने दो माह पहले ही किराये पर बच्चों के रहने के लिए हॉस्टल भी किराये पर लिया था। फरवरी माह तक स्कूल में बच्चों को शिक्षा दी जा रही थी, लेकिन इसके बाद कोरोना संक्रमण बढ़ने पर स्कूल को बंद कर दिया गया। सभी बच्चे अपने घरों की ओर लौट गए। स्कूल में 5 साल के बच्चे से लेकर व्यस्क तक को साइन लैंग्वेज की ट्रेनिंग दी जाती है। स्कूल में कार्यरत अधिकांश स्टाफ भी दिव्यांग है। 2018 से पहले स्कूल शहर की अन्य अन्य जगह संचालित हो रहा था।

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