गाजियाबाद/नोएडा। नोएडा और गुरुग्राम समेतदेशभर में चल रहे मतांतरण के खेल में विदेशी फंडिग हो रही है, इनमें पाकिस्तान का कनेक्शन सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि देश के कई हिस्सों में चल रहे मतांतरण के खेल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआई से फंडिंग करती है। नोएडा के छात्रों की बात हो या फिर गुरुग्राम के रहने वाले मूक बधिर मन्नू के मतांतरण का मामला, इनमें पाकिस्तान का कनेक्शन ही सामने आ रहा है। मन्नू के परिवार का आरोप है कि नोएडा की डेफ सोसायटी में इसके साथ पढ़ने वाले और भी कई दोस्तों का मतांतरण किया गया है। परिजन की मानें तो मन्नू के पास पाकिस्तान से भी फोन कॉल आते थे। मन्नू को अच्छी नौकरी, पैसा और विदेश भेजने का लालच भी दिया गया था।

लालच देकर कराया जा रहा मतांतरण

बताया जा रहा है कि कुवैत और पाकिस्तान समेत अरब के देशों से मिल रही फंडिंग का लालच देकर गरीबों का मतांतरण कराया जा रहा है। फंडिंग पाकिस्तान और अरब देशों (सऊदी अरब और कुवैत) से हो रही है। सुरक्षा व खुफिया एजेंसियां की जांच में यह बात उजागर हुई है कि मतांतरण के लिए भारी-भरकम रकम कट्टरपंथी संगठनों से मिल रही है।

सफेदपोश लोगों के भी जुड़े होने का भी शक

इस खेल में कई सफेदपोश के जुड़े होने का अंदेशा है। ये लोग पर्दे के पीछे से कट्टरपंथी संगठनों व मतांतरण कराने वाले गिरोह का सहयोग कर रहे हैं। देश भर के विभिन्न हिस्सों में संगठन ने अपने पैर जमाए हुए हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि पिछले दिनों किसी बड़ी साजिश के तहत ही विपुल विजयवर्गीय व कासिफ को डासना देवी मंदिर में भेजा गया था।

यूपी के नोएडा में सोमवार को धर्मांतरण कराने वाले रैकेट के खुलासे के बाद कहा जा रहा है कि अब तक 1000 से ज्यादा लोगों का मतांतरण करवाया जा चुका है। दिल्ली के जामियानगर के रहने वाले आरोपित मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी कई सालों से इस खेल में लगे हैं। दोनों  शातिर गरीब मूक बधिर बच्चों और महिलाओं को लालच देकर उनका मतांतरण कराते थे। दोनों आरोपियों के खिलाफ लखनऊ के एटीएस थाने में मामला दर्ज किया गया है। 

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार की मानें तो मूक-बधिर छात्रों और गरीब लोगों को धन, नौकरी व शादी का लालच देकर मुफ्ती काजी जहांगीर और मोहम्‍मद उमर गौतम मतांतरण कराते थे। 

News Source : https://www.jagran.com/uttar-pradesh/noida-ncr-pakistani-connection-in-the-conversion-in-noida-city-of-uttar-pradesh-21761956.html