चार साल पहले एक संस्था को फीडर व नलकूप लगाने का काम मिला था , यह काम राजेपुर क्षेत्र मे होना था । पर संस्था ने अधूरा काम छोड़कर ही कागजों मे पूरी रिपोर्ट दिखा कर पूर भुगतान ले लिया । बडे़ अधिकारियों ने बिना जांच कराये ही संस्था को पूरा बकाया भुगतान करा दिया लेकिन अब स्थानिय अधिकारी संस्था से काम को पूरा कराये जाने की मांग कर रहे है

राजेपुर क्षेत्र मे संस्था व्दारा 8 फीडर लगाये गये थे । संस्था का नाम आरसीएल था जिसने घरेलू उपभोक्ताओं की आपूर्ति को पूरा करने के लिए ये फीडर लगाए थे । संस्था ने मानको को परे रखकर निर्माण करा दिया अब सही से खम्भे न लगने पर झुक गये है । लाइन अगर खराब होती है तो विधुत कर्मचारियों को चढने मे या सही करने मे दिक्कत का सामना करना पड़ता है । ऐसी समस्या कई गांवो मे हो रही है । संस्था के कर्मचारियों ने आठ मीटर के खम्भों से हाईटेन्शन लाइन पास करा के बिजली संचालित करा दी । सभी खंम्भे एक साइज के है जिससे दुर्घटना होने की संम्भावना हमेशा बनी रहती है ।

टेंडर के अनुसार लाइन क्रॉस जहाँ से हो रही है वहाँ पर 13मीटर लंबे खंभे लगाए जाने थे लेकिन ऐसा नहीं किया गया और चार वर्ष पूर्व भी उपयुक्त स्थानों पर फीडरों को संचालित करने व पटना से बचाने के लिए ब्रेकर लगाने को कहा गया था । लेकिन अभी तक कर्मचारियों ने ब्रेकर का कनेक्शन तक नहीं किया है और बाक़ी स्थानों पर भी काम अधूरा पड़ा है । अभियंता का कहना है कि काम को पूरा करने के लिए कई बार नोटिस सस्ता को भेज दिया गया है लेकिन संस्थाओं से अनदेखा कर रही है अब 1 पत्र वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा गया है जिससे संस्था पर कार्रवाई करने की माँग की गई है ।