Farrukhabad News (फ़र्रुख़ाबाद न्यूज ) : जिला लोहिया अस्पताल में पहले से ही चिकित्सकों की कमी है ऊपर से जो चिकित्सक है वो कभी समय पर नहीं आते हैं । सोमवार को कुछ ऐसा ही हुआ पहले चिकित्सक देरी से अस्पताल पहुँचे और फिर समय से पहले अस्पताल से चले गए जिससे मरीज़ों को लगी लंबी लंबी लाइनें इलाज का इंतज़ार करती रही । इस सबके चलते मरीज़ों में आपस में धक्का मुक्की तक हो गई ।

ज़िले के लोहिया अस्पताल में 29 चिकित्सकों के सापेक्ष 12 डॉक्टर ही उपलब्ध है । और जो चिकित्सक है उसमें से कुछ पहले से ही देरी से आते हैं सोमवार 11 बजे ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मनोज पांडेय अपने कैबिन में थे । लेकिन बाक़ी डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं थे जिसके कारण मरीज़ों को भारी इंतज़ार करना पड़ा । बाद में मरीज़ों को खून की जाँच के लिए पैथोलॉजी लैब भेज दिया गया लेकिन वहाँ पर भी पहले से ही मरीज़ों की लंबी लंबी लाइनें लगी हुई थी ।

इस बीच फ़िटनेस सर्टिफ़िकेट बनवाने आए अभ्यार्थियों को भी जाँच के लिए भेज दिया गया जिसके चलते वहाँ पर काफ़ी भीड़ हो गई जिससे लोगों में धक्का मुक्की हो गई बाद मामला शांत करवाकर सभी के सैंपल लिए गए ।
दोपहर 1:20 तक ऑर्थोपीडिक सर्जन अपने कक्ष में नहीं पहुँचे थे ।इसके चलते काफ़ी मरीज़ों को बिना इलाज के निराश होकर वापस जाना पड़ा ।
मुख्य चिकित्सा का कहना है कि सभी डॉक्टरों को समय पर आने की हिदायत दी गई है लेकिन ये मामला सही होने का नाम नहीं ले रहा है ।

जाँच कहीं और इलाज कहीं और !

लोग प्राइवेट लैव के महँगे महंगे ख़र्चे से बचने के लिए लोहिया अस्पताल में अपनी खून की जाँच करा रहे हैं लेकिन इलाज के लिए वह वापस नर्सिंग होम ही जा रहे हैं ।
इन दिनों बुखार का प्रकोप बहुत ज़्यादा है जिसके चलते खून की अलग अलग जाते हैं करवाई जा रही है डेंगू मलेरिया टायफाइड इन सभी की जांचों का ख़र्चा काफ़ी अधिक आता है जिसके चलते सभी लोग सरकारी अस्पतालों में जाँच कराने को मजबूर है ।