कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू हो चुका है. कुछ जगह पर लोग शंका में वैक्सीन लगवाते कतरा रहे हैं, तो कुछ जगह पर वैक्सीन की किल्लत हो रही है. मगर इन सबके बीच वैक्सीनेशन को लेकर कुछ सवाल हैं, जो लोगों को मन में उठ रहे हैं. हमने ऐसे ही कुछ सवालों की लिस्ट बनाई और उन्हें डॉक्टर प्रवीण विझानी के सामने रखा. डॉ. प्रवीण विझानी अमेरिका के केन्टकी में क्रिटिकल केयर और पल्मोनेरी डिज़ीज़ विशेषज्ञ के रूप में काम करते हैं. आइए सवाल-जवाब के इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हैं

सवाल: अगर मेरा होम्योपैथिक या ऐलोपैथिक इलाज चल रहा हो तो क्या वैक्सीन लगवाने के लिए उसे बंद करना होगा?

जवाब: नहीं. आपका जो भी इलाज चल रहा है, वैक्सीन लगवाने के लिए उसे रोकने की ज़रूरत नहीं है ।

सवाल: क्या वैक्सीन लगवाने से पहले और बाद में शराब, सिगरेट, बीड़ी और तंबाकू से दूर रहना है? अगर हां तो कितने दिनों तक।

जवाब: आइडियली तो इन चीजों से दूर ही रहना चाहिए. मगर कोरोना के मद्देनजर इन चीजें के और भी खतरे हैं. शराब आपकी इम्यूनिटी को कम करती है. बीड़ी-सिगरेट आपके फेफड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं. रही बात वैक्सिनेशन की तो वैक्सीन लगवाने से 4 हफ़्ते पहले शराब-सिगरेट छोड़ देना बेहतर होगा. वैक्सीन की दूसरी डोज़ लगने के 4 हफ़्ते तक इन्हें शुरू न करें, तो बेहतर होगा।

सवाल: क्या वैक्सीन लगवाने से पहले एंटीबॉडी टेस्ट करवाना चाहिए, ताकि अगर शरीर में एंटीबॉडी पहले से हों तो वैक्सिनेशन कुछ समय के लिए टाला जा सके।

जवाब: हमारे पास जो डेटा है, उससे पता चलता है कि कोविड से उबरने के बाद लोगों के अंदर कुछ इम्यूनिटी बनती है. यह दोबारा कोरोना इन्फेक्शन के खतरे को कुछ कम कर देती है. मगर ये इम्यूनिटी हर किसी के लिए अलग होती है. हमें ये भी नहीं पता कि ये नैचुरल इम्यूनिटी कब तक बची रहेगी. अभी वैक्सीन लगवाने से पहले या बाद में एंटीबॉडी चेक करने की सलाह नहीं दी गई है. इसलिए अगर आपको पहले ही कोविड हो चुका हो, तब भी आपको वैक्सीन लगवानी चाहिए।

सवाल: अगर मैं कोरोना पॉज़िटिव हूं, मगर लक्षण न होने की वजह से पता नहीं चल सका और वैक्सीन लगवा ली, तो क्या होगा?

जवाब: इस सवाल का जवाब देना थोड़ा मुश्किल है. जब किसी को कोविड वैक्सीन लगाई जाती है तो उसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिल सकते हैं. ये दिखाते हैं कि आपकी बॉडी वायरस के खिलाफ प्रोटेक्शन पैदा कर रही है. इन इफेक्ट्स में शामिल हैं- थकान, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, बुखार आना, जी मिचलाना. बाजू में जहां पर टीका लगता है, उस जगह पर दर्द, लालपन या सूजन के लक्षण भी देखे जा सकते हैं. ये साइड इफेक्ट्स बस कुछ ही दिन रहते हैं. कुछ लोगों को तो ये साइड इफेक्ट्स होते ही नहीं हैं।

सवाल: अगर मुझे कोरोना हो जाए तो मैं कब वैक्सीन लगवा सकता हूं?

जवाब: जिन लोगों में कोरोना के सिम्प्टम हैं, उन्हें तब तक वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए जब तक उनकी बीमारी ठीक नहीं हो जाती और उनका आइसोलेशन पीरियड खत्म नहीं हो जाता. जिन लोगों में कोविड के सिम्प्टम नहीं दिखते, उन्हें भी गाइडलाइन के मुताबिक एक तय वक़्त तक रुकने के बाद ही वैक्सीन लगवानी चाहिए. कोरोना के मरीज़ को हम तीन कैटिगरी में बांट सकते हैं।

सवाल: अगर वैक्सीन की पहली डोज़ और दूसरी डोज़ के बीच में मुझे कोरोना हो जाए, तब क्या करना है?

जवाब: इस केस में भी आपको कोरोना के लक्षण या सिम्प्टम के जाने का इंतज़ार करना है. ऊपर बताई गई गाइडलाइन को फॉलो करना है. कोविड सही होने के बाद वैक्सीन की दूसरा डोज़ ली जा सकती है।

सवाल: अगर मेरे लिवर में कुछ दिक्कत है, किडनी में कुछ परेशानी है, डायबिटीज़ है, अस्थमा है या TB है, तब क्या मैं वैक्सीन लगवा सकता हूं?

जवाब: हां. आप किसी भी तरह के क्रोनिक इन्फेक्शन में वैक्सीन लगवा सकते हैं, बशर्ते कि आपकी कंडीशन स्टेबल हो और मर्ज़ काबू में हो।

सवाल: क्या प्रेग्नेंट महिलाएं या बच्चे को स्तनपान कराने वाली महिलाएं कोरोना वैक्सीन लगवा सकती हैं?

जवाब: आमतौर पर किसी भी वैक्सीन को पहले वयस्कों पर टेस्ट किया जाता है. बच्चे, प्रेग्नेंट या स्तनपान कराने वाली महिलाओं पर इनकी टेस्टिंग नहीं होती. चूंकि कोविड वैक्सीन आम वयस्कों के लिए सेफ़ पाई गई है, इसलिए इनके असर को अब बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं पर चेक किया जा रहा है. ये स्टडी पूरी होने के बाद हमें इसके बारे में ज़्यादा पता चल सकेगा।

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