कोरोना वायरस को लेकर देश में कई तरह के अफवाह चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर हर कोई डॉक्टर बने घूम रहा है। व्हाट्सएप पर कोरोना वायरस से बचने के हजारों नुस्खे वायरल हो रहे हैं। कोई दावा कर रहा है कि नाक में नींबू का रस डालने से कोरोना ठीक हो जाएगा तो कोई कह रहा है कि धूप में लेटने से कोरोना मर जाएगा, लेकिन आपके लिए जरूरी है कि आपको इन सब अफवाहों और दावों पर ध्यान नहीं देना है। आपको वही करना चाहिए जो सरकार और डॉक्टर सलाह दे रहे हैं। इसी बीच एक मैसेज काफी वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि सीवेज लाइन और टॉयलेट की पाइप लाइन से भी कोरोना का संक्रमण फैल रहा है। 

मैसेज में लिखा है, ‘बहुत ही महत्वपूर्ण! खासकर उनलोगों के लिए जो कई फ्लोर वाली बिल्डिंग के किसी फ्लैट में रहते हैं। जैसा कि कोरोना जंगल की आग की तरह फैल रहा है, ऐसे में दिल्ली की कुछ मल्टी स्टोरी बिल्डिंग/कॉलिनियों के लोग संक्रमित हो रहे हैं। यदि किसी ऊपर वाले फ्लैट में कोई संक्रमित है तो नीचे के फ्लैट वाले लोग भी संक्रमित हो रहे हैं जबकि उनके बीच में कोई संपर्क भी नहीं हो रहा है, हालांकि ये लोग एक ही लिफ्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं। कई डॉक्टर्स ने अपने रिसर्च में पाया है कि सभी फ्लैट के एक ही सीवेज लाइन होने की होने की वजह से संक्रमण फैल रहा है। इस समस्या का समाधान यह है कि जब भी आप टॉयलेट का इस्तेमाल करें तो कीटाणुनाशक के साथ फ्लश का इस्तेमाल करें। इससे उस बिल्डिंग में रहने वाले अन्य लोगों में संक्रमण नहीं फैलेगा।’

इस संबंध में हमने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉ जुगल किशोर से बात की। डॉक्टर जुगल किशोर ने इस वायरल मैसेज पर हमें बताया कि एक ही लिफ्ट के इस्तेमाल से संक्रमण की संभावना है तो लेकिन सीवेज लाइन से संक्रमण फैलने का अभी तक कोई प्रमाण नहीं मिला है। जहां तक एक ही टॉयलेट के इस्तेमाल की बात है तो यदि कोई टॉयलेट में थूकता है या खांसता और उसकी बूंदें दीवार या टॉयलेट के किसी अन्य सतह पर पड़ती हैं तो उसके संपर्क में आने से संक्रमण हो सकता है। संक्रमित व्यक्ति के नहाने और थूकने से नाले के पानी में वायरस तो जाता है लेकिन किसी नदी में मिलने के बाद या फिर नाले में ही उसका घनत्व कितना हो जाता है इसे लेकर अभी तक कोई रिसर्च नहीं हुई है।

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की आशंका

कुछ हफ्ते पहले सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने भी सरकार से कहा था कि सीवेज पाइप लाइन की जरिए संक्रमण फैल सकता है। ऐसे में पीपीई किट और मलबे को सही तरीके से डिस्पोज करने पर विचार करना होगा, हालांकि सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने भी सीवेज के जरिए संक्रमण फैलने की आशंकी ही व्यक्त की है। इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

चीन में शोध

पिछले साल sciencedirect की एक रिपोर्ट में भी आशंका व्यक्त की गई थी कि बाथरूम में ड्रेन पाइप के माध्यम से वायरस फैल सकता है। चाइना सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CCDC), यूटा विश्वविद्यालय और नानजिंग मेडिकल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की एक टीम ने SARS-CoV-2 के संक्रमण को लेकर रिसर्च किया था। रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई थी कि यदि किसी ऊपर वाले फ्लैट में कोई संक्रमित है तो उसके बाथरूम और टॉयलेट से निकलने वाली पाइप लाइन में वायरस होंगे, हालांकि ये वायरस इंसान में कैसे पहुंचेंगे यह अभी एक राज ही है।

News source

https://www.amarujala.com/technology/social-network/fact-check-common-sewage-lines-are-the-main-reason-behind-covid-19-in-complexes-and-multistory-flats